
🔴 अलीगढ़ में सड़क पर सजी गैंगवार की ‘फिल्म’ | होटल के बाहर दोनों पक्षों में ताबड़तोड़ फायरिंग, लाठी-डंडों से हमला, वायरल वीडियो से उड़ी पुलिस की नींद | कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
अलीगढ़ | उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर थाना क्षेत्र स्थित आकाश होटल के बाहर बीती रात जो हुआ, उसने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया। कार सवार युवकों और होटल संचालक के समर्थकों के बीच मामूली विवाद इस कदर हिंसक हो गया कि कुछ ही मिनटों में सड़क पर ‘जंग का मैदान’ बन गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पक्षों के लोग हथियारों से लैस होकर सड़कों पर उतर आए और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। कई राउंड गोलियां चलीं, जिससे होटल के बाहर भगदड़ मच गई और आम राहगीर जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए।
घटना की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि कुछ युवक कार से उतरते ही असलहे निकालते हैं और सीधे सामने खड़े लोगों पर फायरिंग शुरू कर देते हैं। जवाब में होटल की ओर से भी समर्थक डंडे और तमंचे लेकर दौड़ते हैं। वीडियो में गोलियों की आवाज, चीख-पुकार और लाठीचार्ज का रौद्र दृश्य साफ सुना और देखा जा सकता है। यह पूरी वारदात इतने निर्भीक अंदाज में अंजाम दी गई मानो कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ शहर में बची ही न हो।
📹 फिल्मी नहीं, असली एक्शन – जो देखे, कांप उठे
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोग कहने लगे –
“ऐसा एक्शन तो हमने रोहित शेट्टी की फिल्मों में भी नहीं देखा… असली डर तो अब सड़कों पर है!“
फिल्मी डायलॉगों और एक्शन सीन्स से अलग, ये रियल सीन हैं, जहां गोलियां असली थीं, खतरा जानलेवा था, और कानून नदारद।
😨 होटल के बाहर से लेकर पूरे बाजार में मची अफरा-तफरी
घटना के दौरान होटल में बैठे मेहमान और कर्मचारी जान बचाकर होटल के पिछले रास्ते से भागे। सड़क पर आम जनता, व्यापारी और राहगीर इस कदर घबरा गए कि उन्होंने दुकानें और शटर बंद कर लिए।
खैर थाना पुलिस को सूचना के बाद जब तक मौके पर पहुंची, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
🚔 पुलिस की लाचारी उजागर – CCTV व वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू
खैर थाना पुलिस ने घटना का संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज कर ली है और कुछ संदिग्धों की पहचान वीडियो के आधार पर की जा रही है। होटल परिसर और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
“कुछ नाम सामने आए हैं, जल्द कार्रवाई होगी,” – थाना खैर प्रभारी
⚠️ सवाल वही: कानून का खौफ कहां है?
बार-बार सामने आती ऐसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि यूपी में अपराधियों का मनोबल कितना ऊंचा है।
आखिरकार किसकी छूट पर ये लोग दिन-दहाड़े गोलियां चला रहे हैं?
सड़कें अब सुरक्षित नहीं रहीं, क्या जनता अब घरों में भी सुरक्षित है?
क्या ये मामला सिर्फ झगड़े का है या पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है?
🧑🌾 स्थानीय लोगों की दहशत और नाराजगी
स्थानीय दुकानदारों और होटल व्यवसायियों ने प्रशासन से कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि –
“अगर ऐसी घटनाएं यूं ही होती रहीं, तो ग्राहक भी नहीं आएंगे और कारोबार चौपट हो जाएगा।“
“पुलिस हमेशा बाद में आती है, हम अपनी सुरक्षा खुद कैसे करें?“
📢 क्या करें प्रशासन?
वायरल वीडियो के आधार पर सीधी कार्रवाई और गिरफ्तारी होनी चाहिए
होटल व व्यापारिक क्षेत्रों में पुलिस की रूटीन गश्त बढ़ाई जाए
असलहों की तस्करी और लाइसेंसधारी पर सख्त जांच की जाए
घटना की बारीकी से जांच कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो
📌 निष्कर्ष:
यह घटना सिर्फ एक ‘फायरिंग’ नहीं, बल्कि सिस्टम पर एक तमाचा है – जहां अपराधी खुलकर सड़कों पर खेलते हैं और आम जनता दुबककर तमाशा देखती है।
जब तक प्रशासन ऐसी घटनाओं को उदाहरण बनाकर कड़ी से कड़ी सज़ा नहीं देगा, तब तक न तो होटल सुरक्षित हैं, न सड़कें और न ही आम इंसान।
📰 रिपोर्ट:
एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महामंत्री – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083
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